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विनोद खोसला के चीफ ऑफ स्टाफ बनने का मौका, रोज 12 घंटे काम और पगार…

Vinod Khosla | भारतीय मूल के अरबपति और सिलिकॉन वैली के प्रमुख निवेशक विनोद खोसला एक बार फिर चर्चा में हैं। उनकी वेंचर कैपिटल कंपनी Khosla Ventures में चीफ ऑफ स्टाफ की भर्ती के विज्ञापन ने टेक्नोलॉजी जगत में काम के घंटों और निजी जीवन के बीच संतुलन को लेकर बहस छेड़ दी है।

नौकरी के विवरण के अनुसार, चयनित उम्मीदवार को कैलिफोर्निया के मेनलो पार्क स्थित कार्यालय में आमतौर पर सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक काम करना होगा। जरूरत पड़ने पर रात और सप्ताहांत में भी उपलब्ध रहना होगा।

71 वर्षीय विनोद खोसला Sun Microsystems के सह-संस्थापक हैं और Khosla Ventures का नेतृत्व करते हैं। उनकी कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सॉफ्टवेयर, स्वास्थ्य, ऊर्जा और जलवायु तकनीक जैसे क्षेत्रों में निवेश करती है।

OpenAI, DoorDash और Instacart जैसी कंपनियों में शुरुआती निवेश के कारण उन्हें टेक्नोलॉजी जगत में प्रभावशाली निवेशकों में गिना जाता है।

चीफ ऑफ स्टाफ की जिम्मेदारियों में निवेश के अवसरों का मूल्यांकन करना, स्टार्टअप संस्थापकों से मिलना, उभरती तकनीकों पर शोध करना और कंपनी के पोर्टफोलियो में शामिल व्यवसायों की मदद करना शामिल है।

उम्मीदवारों से ईमानदारी, कठिन परिस्थितियों में संयम और अहंकार से दूर रहने जैसे गुणों की अपेक्षा की गई है। हालांकि, इस पद के लिए वेतन का खुलासा नहीं किया गया है।

12 घंटे की नौकरी या सप्ताह में 80 घंटे काम?

नौकरी का विज्ञापन सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने मजाक में कहा कि इस भूमिका में काम और निजी जीवन के बीच संतुलन की उम्मीद छोड़नी पड़ेगी। कुछ लोगों ने परिवार और बच्चों के साथ समय बिताने को लेकर भी टिप्पणियां कीं। इस बहस ने इन्फोसिस के संस्थापक एन.आर. नारायण मूर्ति के युवाओं के लिए 70 घंटे के कार्यसप्ताह वाले सुझाव की याद दिला दी।

आलोचनाओं के बीच खोसला ने स्पष्ट किया कि इस नौकरी के लिए काम के घंटों की कोई निश्चित अनिवार्य सीमा नहीं है, लेकिन काम बेहद व्यस्त और चुनौतीपूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि वह खुद सप्ताह में 80 घंटे काम करते हैं और इस पद पर आने वाले व्यक्ति को भी इसी गति के साथ तालमेल बैठाना होगा। उनके मुताबिक, यह भूमिका सीखने, काम करने और नए विचारों को साकार करने का मजेदार अवसर भी है।

टेक जगत की हस्तियों ने भी दिखाई दिलचस्पी

Reddit के सह-संस्थापक एलेक्सिस ओहानियन ने इस पद को किसी व्यक्ति के करियर को बदलने वाला अवसर बताया। स्लीप-टेक कंपनी Eight Sleep के संस्थापक माटेओ फ्रांसेशेट्टी ने भी कहा कि यदि वह अपनी कंपनी चलाने में व्यस्त नहीं होते, तो खुद इस नौकरी पर विचार कर सकते थे। इस पर खोसला ने मजाक में कहा कि वह चाहेंगे कि माटेओ अपनी पोर्टफोलियो कंपनी Eight Sleep को आगे बढ़ाएं।

भारत के पुणे में जन्मे विनोद खोसला ने IIT दिल्ली से पढ़ाई करने के बाद कार्नेगी मेलन यूनिवर्सिटी और स्टैनफोर्ड ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस से डिग्रियां हासिल कीं। उन्होंने 1982 में Sun Microsystems की सह-स्थापना की और 2004 में Khosla Ventures की शुरुआत की।

खोसला सार्वजनिक बहसों में अपने बेबाक और आक्रामक रुख के लिए भी जाने जाते हैं। जून में उन्होंने स्टैनफोर्ड में गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई के संबोधन के दौरान विरोध करने वाले छात्रों की आलोचना की थी। छात्र गूगल के इजरायली सरकार और अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी ICE से जुड़े संबंधों का विरोध कर रहे थे।

खोसला की पूर्व सहयोगी और Overwater Ventures की संस्थापक क्रिस्टिना सिमंस ने इस नौकरी को बेहद व्यस्त, चुनौतीपूर्ण लेकिन संतोषजनक अवसर बताया। उनके अनुसार, बड़े विचारों पर काम करने और अधिक जिम्मेदारी लेने के इच्छुक लोगों के लिए यह भूमिका उपयुक्त हो सकती है। हालांकि, किसी के लिए यह करियर बदलने वाला अवसर हो सकता है, तो किसी अन्य के लिए लंबे कार्यघंटों की कठिन परीक्षा।

Chief Editor

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