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‘मुझे किसी ने बताया ही नहीं कि मैं वोट नहीं दे सकता’: अमेरिका में भारतीय मूल के कमलेश शाह पर चुनावी धोखाधड़ी का आरोप

Operation Protect the Vote | अमेरिका में चुनावी धोखाधड़ी के आरोप में भारतीय मूल के 67 वर्षीय कमलेश नवनीतलाल शाह के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

कैलिफोर्निया के सेवानिवृत्त डेन्टिस्ट कमलेश शाह का कहना है कि उन्हें पता ही नहीं था कि अमेरिकी नागरिक नहीं होने के कारण वह मतदान नहीं कर सकते। वह अमेरिका के स्थायी निवासी यानी ग्रीन कार्ड धारक थे, लेकिन अमेरिकी नागरिक नहीं थे। इसके बावजूद उन पर 2024 के अमेरिकी चुनाव के लिए कथित रूप से धोखाधड़ी करके मतदाता पंजीकरण कराने का आरोप लगाया गया है।

कैलिफोर्निया में चुनाव के दौरान मतदान करने वाले विदेशी नागरिकों की सूची में नाम आने के बाद कमलेश शाह ने कहा कि उन्हें इस स्थिति की जानकारी नहीं थी और वह डर गए थे। उनके मुताबिक, करीब 5 से 6 साल पहले एक दुर्घटना के बाद वह 6 महीने तक कोमा में रहे थे। इसके बाद से उन्हें बोलने और चलने में भी परेशानी होती है।

कमलेश ने बताया कि वह अपने दृष्टिहीन रूममेट के साथ मतदान करने के लिए एक सामुदायिक केंद्र गए थे। वहां उनसे पहचान पत्र मांगा गया। उन्होंने अपना पहचान पत्र और सोशल सिक्योरिटी कार्ड दिखाया। इसके बाद उन्हें मतदान से संबंधित कागजात दिए गए।

कमलेश के अनुसार, उन्हें लगा कि वह मतदाता के रूप में पंजीकरण करा रहे हैं। उन्हें यह भी लगा कि वह अमेरिकी नागरिक होंगे। उन्होंने कहा कि किसी ने उन्हें नहीं बताया कि नागरिकता नहीं होने के कारण वह अमेरिकी चुनाव में मतदान नहीं कर सकते।

इस मामले में 30 वर्षीय भारतीय मूल की अमनदीप कौर का नाम भी सामने आया है। वह रैंचो पालोस वर्डेस की निवासी हैं। कानून प्रवर्तन रिकॉर्ड के अनुसार, अमनदीप अमेरिकी नागरिकता प्राप्त करने की प्रक्रिया में थीं। उन पर दिसंबर 2022 में कथित रूप से धोखाधड़ी करके मतदाता पंजीकरण कराने और नवंबर 2024 के चुनाव में मतदान करने का आरोप है।

क्या है ‘ऑपरेशन प्रोटेक्ट द वोट’?

अमेरिकी प्रशासन के अनुसार, ‘ऑपरेशन प्रोटेक्ट द वोट’ कैलिफोर्निया में चुनावी धोखाधड़ी की पहचान करने और उसे रोकने के लिए चलाया गया एक समन्वित अभियान है। इस मामले में कुल 28 लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें 11 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी गई है। आरोपियों के पास ग्रीन कार्ड थे, लेकिन वे अमेरिकी नागरिक नहीं थे। अमेरिका के संघीय चुनावों में सामान्यतः केवल अमेरिकी नागरिक ही मतदान कर सकते हैं।

आरोपों में नागरिकता आवेदन में गलत जानकारी देना और धोखाधड़ी से मतदाता पंजीकरण कराना शामिल है। दोष सिद्ध होने पर कुछ आरोपों में अधिकतम 5 साल की संघीय जेल हो सकती है।

अमेरिकी संघीय सरकार ने 13 अक्टूबर को संबंधित व्यक्तियों की सूची कैलिफोर्निया को दी थी। उसने उनकी नागरिकता की स्थिति की पुष्टि होने तक उनके डाक मतपत्रों को अलग रखने का अनुरोध किया था। संघीय सरकार का आरोप है कि कैलिफोर्निया ने इस प्रक्रिया में सहयोग करने से इनकार कर दिया। इसके बाद सरकार ने अदालत में याचिका दायर की। यह मामला अब चुनावी निष्पक्षता और मतदान के कानूनी नियमों को लेकर चर्चा का विषय बन गया है।

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