Hindi News

कनाडा की इमिग्रेशन नीति में भारत की दखल नहीं चलेगी: सांसद लियन रूड

  • कनाडा की इमिग्रेशन नीति को लेकर भारत पर सांसद लियन रूड का तीखा बयान, राजनीतिक विवाद शुरू
  • भारतीय उच्चायुक्त दिनेश पटनायक के कनाडा में 1.5 करोड़ अतिरिक्त नौकरियों और 10 करोड़ लोगों की जरूरत संबंधी बयान पर विपक्षी सांसद ने जताई आपत्ति

Canada Immigration | कनाडा में इमिग्रेशन नीति और रोजगार के मुद्दे पर भारत को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। कनाडा की विपक्षी कंजर्वेटिव पार्टी की सांसद लियन रूड ने कहा है कि भारत सरकार को कनाडा की इमिग्रेशन नीति को निर्देश देने या प्रभावित करने का कोई अधिकार नहीं है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बयान जारी करते हुए उन्होंने कनाडा की आंतरिक नीतियों में भारत की दखलअंदाजी पर आपत्ति जताई।

यह विवाद भारतीय उच्चायुक्त दिनेश पटनायक के बयान के बाद शुरू हुआ। उन्होंने 9 अक्टूबर को सीपीएसी को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि कनाडा को भविष्य में 1.5 करोड़ अतिरिक्त नौकरियों और 10 करोड़ लोगों की जरूरत पड़ सकती है। उन्होंने कनाडा की कार्यबल संबंधी जरूरतों को प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की 1 ट्रिलियन डॉलर के प्रस्तावित निवेश योजना से जोड़ते हुए यह अनुमान लगाया था।

दिनेश पटनायक के अनुसार, कनाडा में हर साल कार्यबल में करीब 1,86,000 से 2,00,000 लोगों की कमी आ रही है। उन्होंने बताया कि सामान्य तौर पर 1 अरब डॉलर के पूंजी निवेश के लिए 10,000 से 15,000 श्रमिकों की आवश्यकता होती है। इसी गणना के आधार पर उन्होंने भविष्य में बड़ी संख्या में श्रमिकों की संभावित जरूरत का उल्लेख किया था।

दूसरी ओर, सांसद लियन रूड ने कनाडा की मौजूदा आर्थिक स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि देश में बढ़ती बेरोजगारी के बीच नौकरियों में कनाडाई नागरिकों को सबसे पहले प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ते दबाव और आवास की कमी का भी मुद्दा उठाया। उनके मुताबिक, कनाडा के युवाओं के लिए घर खरीदना मुश्किल होता जा रहा है और ऐसे समय में इमिग्रेशन का स्तर बढ़ाने से समस्याएं और गंभीर हो सकती हैं।

लियन रूड ने प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की लिबरल सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास इस बात के पुख्ता आंकड़े नहीं हैं कि देश में कुल कितने गैर-नागरिक रह रहे हैं। कंजर्वेटिव पार्टी ने कनाडा में इमिग्रेशन बढ़ाने के किसी भी प्रयास का विरोध करने की बात कही है।

इस तरह भारतीय उच्चायुक्त की टिप्पणी के बाद कनाडा में इमिग्रेशन, रोजगार और आर्थिक जरूरतों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

Chief Editor

Recent Posts

लॉस एंजिल्स में दिवाली और हनुक्का का जश्न, भारतीय-यहूदी समुदाय एक मंच पर आए

Diwali Hanukkah | लॉस एंजिल्स में भारतीय और यहूदी समुदायों के बीच आस्था, सद्भाव और…

36 minutes ago

લોસ એન્જલસમાં દિવાળી અને હનુક્કાહની ઉજવણી: ભારતીય-યહૂદી સમુદાયો એક મંચ પર આવ્યા

Diwali Hanukkah | લોસ એન્જલસમાં ભારત અને યહૂદી સમુદાયો વચ્ચે ધાર્મિક સૌહાર્દ અને મિત્રતાનો સંદેશ…

41 minutes ago

चुनाव में भारतीय मूल के उम्मीदवारों का दबदबा: पिया, सुहास और अरुणा की जीत

 US Midterm Elections | अमेरिका में 2026 के मध्यावधि चुनाव में भारतीय मूल के उम्मीदवारों…

54 minutes ago

અમેરિકાની ચૂંટણીમાં ભારતીય મૂળના ઉમેદવારોનો દબદબો: પિયા, સુહાસ અને અરુણા મિલરની જીત

US Midterm Elections | અમેરિકામાં 2026ની મધ્યસત્ર ચૂંટણીમાં ભારતીય મૂળના ઉમેદવારોએ મહત્વપૂર્ણ સફળતા મેળવી છે.…

58 minutes ago

अमेरिकी चुनाव में भारतीय मूल की पिया दांडिया की जीत, फ्लोरिडा से पहुंचीं कांग्रेस

Pia Dandiya | अमेरिका में हुए 2026 के मध्यावधि चुनाव में भारतीय मूल के उम्मीदवारों…

1 hour ago

US Midterm Elections: ભારતીય મૂળના પિયા ડાંડિયાએ ફ્લોરિડામાં મરીન વેટરનને હરાવી કોંગ્રેસની બેઠક જીતી

Pia Dandiya | અમેરિકામાં યોજાયેલી 2026ની મધ્યસત્ર ચૂંટણીમાં ભારતીય મૂળના ઉમેદવારોએ નોંધપાત્ર સફળતા મેળવી છે.…

1 hour ago